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गुलाबी गैंग के बाद आ गया लाल गैंग, कारनामा जान कर आप भी करेंगे सलाम

गुलाबी गैंग के बाद अब लाल गैंग कर रही है धमाल, कारनामा जान आप भी करेंगे सलाम21वीं सदी महिला सशक्तिकरण के नाम है.. शहरो में जहां लड़कियां पढ़ लिखकर हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं वहीं अब गांवों की लड़कियां और महिलाएं भी पीछ नही रही है। गांव की महिलाओं में पहले की अपेक्षा काफी जागरूकता आ गई है जिसका नतीजा है कि पिछले कुछ सालों में जहां ‘गुलाबी गैंग’ ने पूरे देश में अपनी पहचान बनाई है वहीं अब ‘लाल गैंग’ ग्रामीण महिलाओं की आवाज बन रहा है।

जी हां, ‘गुलाबी गैंग’ के बारे में तो आप जानते ही होंगे कि कैसे गुलाबी साड़ी पहने और हाथ में लाठी लिए बुंदेलखंड की महिलाओं का एक समूह, इलाके की महिलाओं को उनका हक और इंसाफ दिलाता है। वहीं अब बुंदेलखंड के ग्रामीँण अंचल में एक दूसरा गैंग भी काम कर रहा है .. ‘लाल गैंग’ नाम का ये समूह ग्रामीण महिलाओं के प्रति घरेलु हिंसा, यौन हिंसा और अशिक्षा जैसी समस्याओ के निदान के लिए काम कर रहा है।

मध्यप्रदेश का जिला सागर, जो आमतौर पर बुदेलखंड के रूप में जाना जाता है वहां इस समूह का गठन किया गया है फिलहाल लाल गैंग मे 9 महिलाएं शामिल हैं, जो ग्रामीण महिलाओं की मदद के लिए कार्य करती हैं। दरअसल ये गैंग तब सुर्खियों मे आई है, जब 9 जनवरी के दिन जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनसुनवाई में लाल साड़ी पहने हुए 9 महिलाओं के संग कुछ दूसरी महिलाएं भी अचानक हाथों में लट्ठ लिए हुए पहुंची गई । दरअसल लाल गैंग की महिलाओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं के पेंशन, आवास और राशन सहित अन्य कई समस्याओं के संबंध में जिले के अधिकारियों को अवगत कराया।

इस मौके पर मीडिया को लाल गैंग की सदस्य सपना चौरसिया ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से इनकी संस्था महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं। फिलहाल लाल गैंग में कोई अध्यक्ष या उपाध्यक्ष नहीं बल्कि सभी सदस्य हैं और हर सदस्य के पास 5-5 गांवो का प्रभार है । ये सदस्य अपने क्षेत्र में जाकर वहां की महिलाओं के राशन, पेंशन, कुटीर, घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं का पता लगाती है और फिर उनका आवेदन तैयार करके उसे क्षेत्रीय अधिकारियों को अवगत कराती हैं ताकि घरों तक सीमित रहने वाली इन गरीब महिलाओं को भी शासन की सभी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

ऐसे में जब इन लाल गैंग की महिलाओं से ये पूछा गया कि उन्हे इसकी ट्रेनिंग कहां से मिलती है तो उन्होने बताया कि दिल्ली की एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी की मैडम उन लोगों को इस बारे में उचित सलाह और ट्रेनिंग देती हैं। साथ ही इन महिलाओ के अनुसार इस सम्बंध में एक कानूनी सलाहकार भी उनकी जरूरी सहायता करते हैं और इस तरह उनके सहयोग से ये महिलाएं बाकि ग्रामीण महिलाओं की मदद करती हैं।

साथ ही लाल गैंग ने भी बताया कि कुछ समय पहले उन्हें टीवी और अखबारों के माध्यम से जिले में कार्यरत गुलाबी गैंग का पता चला था जो कि शराब के विरोध में अभियान चलाती है, लेकिन अब लंबे समय से उनकी कोई गतिविधि नहीं दिखी तो फिर हम लोगों ने यहां कि महिलाओं की सहायता के लिए ये समूह बनाने की ठानी और आज पूरे नियमबद्ध तरीके से हम कार्य कर रहे हैं।

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