अन्तराष्ट्रीय

येरूशलम को इजरायल की राजधानी बनाकर क्या मुस्लिमों के खिलाफ जंग छेड़ रहे ट्रंप?

दुनिया भर के देशों के विरोध के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने येरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता दे दी है। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन को अपना दूतावास तेव अवीव से येरुशलम स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने को कहा है। बुधवार को यह घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘यह लंबे समय से अपेक्षित था।’ करीब सात दशकों से अमेरिका की विदेश नीति और इस्राइल व फलस्तीन के बीच शांति प्रक्रिया को तोड़ते हुए ट्रंप ने यह विवादित फैसला लिया है। ट्रंप ने कहा, येरुशलम सिर्फ तीन महान धर्मों का केंद्र नहीं है, यह दुनिया के सबसे सफल लोकतंत्र का भी केंद्र है। 

यह एलान करते हुए ट्रंप ने मध्य एशिया में अमेरिका के करीबी कहे जाने वाले सऊदी अरब के शाह सलमान और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी की चेतावनी को भी दरकिनार कर दिया।

बहरहाल, फ्रांस, जर्मनी के नेता भी आशंका जता चेता चुके हैं कि यह कदम मध्य-पूर्व में हिंसा को बढ़ाएगा। चीन ने भी कहा कि यह तनाव बढ़ा सकता है। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस एलान को ऐतिहासिक बताया है। वहीं फलस्तीन का कहना है कि मध्य एशिया में शांति की प्रक्रिया खत्म हो गई है। 

ब्रिटेन में फलस्तीन के प्रतिनिधि मैनुअल हसासेन ने कहा कि वह मध्य एशिया को जंग में झोंक रहे हैं। उन्होंने 1.5 अरब मुसलमानों के खिलाफ जंग का एलान कर दिया है। तुर्की ने कहा है कि वह अगले सप्ताह मुस्लिम देशों के नेताओं की बैठक बुलाएगा। 

उधर, गाजा में इस एलान के बाद लोगों ने अमेरिका और इस्राइल के झंडे जलाए। पश्चिमी तट पर ट्रंप की तस्वीरें भी जलाईं गईं। हमास ने शुक्रवार को क्रोध दिवस का एलान किया है। आशंका है कि यहां बड़े पैमाने पर हिंसा की घटनाएं हो सकती हैं। 

अमेरिका के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि येरुशलम प्राचीन काल से यहूदियों की राजधानी है। 


न्यूज़व्यू पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | फेसबुक पर हमे फॉलो करे | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Close